तीन दिन का खाना-पानी घर में रखने की सलाह क्यों दे रही है ब्रिटिश सरकार?

तीन दिन का खाना-पानी घर में रखने की सलाह क्यों दे रही है ब्रिटिश सरकार?

ब्रिटेन सरकार ने लोगों को 72 घंटे का खाना-पानी और जरूरी सामान घर में रखने की सलाह दी है. साइबर हमले, बिजली-पानी की सप्लाई ठप होने और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारी की जा रही है.

ब्रिटेन की सरकार ने लोगों से कहा है कि वे अपने घरों में कम से कम तीन दिन यानी 72 घंटे की जरूरतों के लिए पीने का पानी, लंबे समय तक खराब न होने वाला खाना और दूसरी जरूरी चीजें रखें. सरकार की नई बी रेडी (Be Ready) मुहिम का मकसद लोगों को ऐसी आपात स्थितियों के लिए तैयार करना है, जिनमें बिजली, पानी, इंटरनेट और रोजमर्रा की सेवाएं बाधित हो सकती हैं. इसमें साइबर हमले, खराब मौसम, बाढ़, जंगलों में आग और दुश्मन देशों की ओर से जरूरी ढांचे को निशाना बनाए जाने जैसे खतरे शामिल हैं.

ब्रिटेन के रक्षा मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने 22 अक्टूबर को कहा कि देश को ऐसे हमलों के लिए तैयार रहना चाहिए, जिनमें दुश्मन देश रोजमर्रा की सेवाओं को बाधित कर सकते हैं. उन्होंने साइबर हमलों के जरिए दुकानों की भुगतान व्यवस्था ठप होने और सप्लाई चेन टूटने जैसी स्थितियों का जिक्र किया. उनका कहना था कि देश को सिर्फ सैन्य सुरक्षा ही नहीं, बल्कि आपात स्थिति से निपटने की अपनी क्षमता भी मजबूत करनी होगी.

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सरकार को ऐसी सलाह देने की जरूरत क्यों पड़ी?

ब्रिटिश सरकार के मुताबिक, पिछले साल सर्दियों में आए तूफानों और इस साल गर्मियों में लगी जंगलों की आग ने दिखाया कि खराब मौसम किस तरह आम जिंदगी को प्रभावित कर सकता है. बिजली, पानी, फोन और इंटरनेट जैसी सेवाएं बाधित होने पर लोगों को रोजमर्रा के काम करने में परेशानी होती है. ऐसी स्थिति में राहत और बचाव दलों को सबसे ज्यादा जरूरत वाले लोगों तक पहुंचने में समय लग सकता है.

इसके साथ ही सरकार को साइबर हमलों और दुश्मन देशों की ओर से जरूरी ढांचे को नुकसान पहुंचाने की आशंका है. उदाहरण के लिए, अगर किसी सुपरमार्केट में डिजिटल भुगतान काम करना बंद कर दे या एटीएम से पैसे न निकलें, तो लोगों को जरूरी सामान खरीदने में परेशानी हो सकती है. अगर बिजली या पानी की सप्लाई बाधित हो जाए, तो घरों में खाना बनाने, मोबाइल चार्ज करने और दूसरी जरूरतें पूरी करने में भी दिक्कत आएगी.

घर में कौन-कौन सी चीजें रखने की सलाह दी गई है?

ब्रिटिश सरकार की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, हर व्यक्ति के लिए तीन दिन का पीने का पानी और ऐसा खाना रखना चाहिए, जिसे लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके. सरकार ने साफ किया है कि यह तैयारी एक साथ करना जरूरी नहीं है. लोग अपनी जरूरत के हिसाब से धीरे-धीरे सामान इकट्ठा कर सकते हैं.

सरकार की लिस्ट में शामिल जरूरी चीजें इस तरह हैं…

  • पानी: हर व्यक्ति के लिए रोजाना 3 लीटर पीने का पानी, यानी तीन दिन के लिए 9 लीटर. खाना बनाने और साफ-सफाई के लिए अतिरिक्त पानी की जरूरत हो सकती है.
  • खाना: डिब्बाबंद मांस, मछली या सब्जियां, सूखे मेवे और ऐसा भोजन जिसे लंबे समय तक रखा जा सके.
  • रोशनी और गर्म कपड़े: टॉर्च, अतिरिक्त बैटरियां, कंबल, स्लीपिंग बैग और गर्म कपड़े.
  • संचार: बैटरी या हाथ से चलने वाला रेडियो और मोबाइल चार्ज करने के लिए पावर बैंक.
  • पैसे और दस्तावेज: कुछ नकदी, बैंक कार्ड और पासपोर्ट जैसे जरूरी दस्तावेजों की प्रतियां.
  • स्वास्थ्य: प्राथमिक उपचार किट और नियमित रूप से ली जाने वाली जरूरी दवाएं.
  • साफ-सफाई: हैंड सैनिटाइजर, गीले वाइप्स और बाथरूम में काम आने वाली चीजें.
  • परिवार की खास जरूरतें: छोटे बच्चों के लिए दूध, डायपर और वाइप्स; पालतू जानवरों के लिए खाना और पानी.
  • सरकार ने छह महीने में सामान की एक्सपायरी डेट और परिवार की जरूरतों की समीक्षा करने की भी सलाह दी गई है.

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साइबर हमले और कंप्यूटर में गड़बड़ी ने बढ़ाई चिंता

इस मुहिम के पीछे साइबर सुरक्षा का मुद्दा भी है. ब्रिटिश सरकार ने हाल में PHP प्रोग्रामिंग भाषा से जुड़े एक सॉफ्टवेयर सुरक्षा मामले का जिक्र किया है. PHP का इस्तेमाल दुनिया की लाखों वेबसाइटों में होता है. इस सुरक्षा कमजोरी का पता चलने के बाद ब्रिटेन के नेशनल साइबर सिक्योरिटी सेंटर ने प्रभावित संस्थाओं को 50 हजार अलर्ट भेजे. इस घटना ने दिखाया कि सॉफ्टवेयर की एक कमजोरी भी कई सेवाओं के लिए खतरा पैदा कर सकती है.

क्या ब्रिटेन में ऐसा पहली बार हो रहा है?

नहीं. ब्रिटेन की यह पहल यूरोप के दूसरे देशों में चल रही आपातकालीन तैयारियों के अनुरूप है. फ्रांस, आयरलैंड और नीदरलैंड जैसे देशों में भी लोगों को गंभीर आपात स्थितियों के लिए तीन दिन का जरूरी सामान रखने की सलाह दी जाती रही है. यूरोपियन यूनियन ने भी लोगों को 72 घंटे की आपातकालीन किट तैयार रखने की सलाह दी है.

ब्रिटिश सरकार ने 14 जुलाई 2026 को अपनी रेजिलिएंस एक्शन प्लान यानी आपात स्थिति से निपटने की क्षमता मजबूत करने वाली योजना की प्रगति की जानकारी दी थी. इसके बाद 22 अक्टूबर को संसद में सुरक्षा मंत्री डैन जार्विस ने बी रेडी अभियान के बारे में लिखित बयान दिया. इसमें लोगों को तीन दिन के लिए पानी और ऐसा भोजन रखने की सलाह दी गई, जो जल्दी खराब न हो.

इस योजना में एक और अहम कदम है. जिन लोगों को बिजली या पानी की सेवा बाधित होने पर अतिरिक्त मदद की जरूरत पड़ सकती है, उन्हें प्रायोरिटी सर्विसेज रजिस्टर में अपना नाम दर्ज कराने की सलाह दी गई है. इसमें पात्र लोगों की जानकारी संबंधित सेवा कंपनियों के पास रहती है, ताकि संकट के समय उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सहायता दी जा सके.

क्या सरकार लोगों को युद्ध के लिए तैयार कर रही है?

ब्रिटिश सरकार की सलाह को सीधे युद्ध की घोषणा या किसी हमले की निश्चित चेतावनी नहीं माना जाना चाहिए. यह तैयारी कई तरह की आपात स्थितियों के लिए है. जैसे बाढ़, जंगलों में आग, बिजली या पानी की सप्लाई में रुकावट और साइबर हमले. रक्षा मंत्री स्ट्रीटिंग ने दुश्मन देशों से जुड़े खतरों पर जोर दिया है, लेकिन सरकार की बी रेडी सूची आम लोगों को रोजमर्रा की सेवाएं बाधित होने की स्थिति में तैयार रहने के लिए भी है.

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शुभेंदु प्रताप भूमंडल
शुभेंदु प्रताप भूमंडल

पत्रकारिता में बीते 5 साल से सक्रिय हैं. नेशनल और इंटरनेशनल न्यूज राइटिंग का अनुभव. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से साइंस में ग्रेजुएशन, फिर माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता और वीडियो प्रोडक्शन की पढ़ाई. दैनिक भास्कर डिजिटल से करियर की शुरुआत. बतौर न्यूज ब्रीफ एडिटर भास्कर डिजिटल में 800 से ज्यादा बाइलाइन स्टोरी. वीडियो स्क्रिप्टिंग का भी अनुभव. अगस्त 2025 से टीवी9 डिजिटल के साथ नई पारी का आगाज.

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