ड्रोन, मिसाइल, लड़ाकू विमान… हूतियों के हमलों से खाड़ी में बढ़ी टेंशन, पश्चिम एशिया में शुरू हो गई हथियारों की रेस?
हूती हमलों के खतरे के बीच सऊदी अरब अपनी बैलिस्टिक मिसाइल निर्माण क्षमता बढ़ा रहा है. वहीं UAE और फ्रांस राफेल F5 के विकास पर बातचीत आगे बढ़ा रहे हैं. इससे पश्चिम एशिया में आर्म्स रेस शुरू हो गई है.
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच खाड़ी देशों ने अपनी तैयारियां बढ़ा दी है. यमन में हूती हमलों के बढ़ते खतरे के बीच सऊदी अरब और UAE अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने में जुटे हैं. सऊदी अरब अपनी बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की फैसिलिटी का विस्तार कर रहा है, तो UAE फ्रांस के साथ राफेल लड़ाकू विमान के एडवांस वर्जन पर काम आगे बढ़ा रहा है. ड्रोन और मिसाइलों से लेकर लड़ाकू विमानों तक, अरब देशों की ये तैयारी पश्चिम एशिया में हथियारों की नई दौड़ का संकेत दे रही है
यमन में बारूद बरस रहा है. हूती ठिकानों पर लगातार हमले हो रहे हैं और जवाब में सऊदी अरब पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी जा रही हैं और निशाने पर है सऊदी की राजधानी रियाद है. सऊदी अरब का दावा है कि हूती की तरफ से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही तबाह कर दिया गया. इस बीच हूतियों ने दावा किया कि उन्होंने दक्षिणी पोर्ट शहर में अल-नस्र कैंप और नेवल मिलिट्री बेस को निशाना बनाया.
यमन में सरकारी सेनाओं का कहना है कि एक हूती बैलिस्टिक मिसाइल एक परिवार के घर पर गिरी, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और महिलाओं और बच्चों समेत पांच लोग घायल हो गए. वहीं, रियाद के साथ नजरान और वादी अल-दवासिर जैसे इलाकों में भी इमरजेंसी अलर्ट जारी किए गए.
हूतियों ने तेज किए मिसाइल हमले
हूती के हमलों का दायरा बढ़ने की आशंका के बीच सऊदी अरब अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने में जुटा हैं और हथियारों की इस दौड़ में उसके साथ खड़ा है संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE.
एक तरफ सऊदी अरब अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों की ताकत बढ़ाने की तैयारी कर रहा है तो दूसरी तरफ UAE फ्रांस के साथ मिलकर राफेल लड़ाकू विमान के ज्यादा एडवांस वर्जन पर काम आगे बढ़ा रहा है यानी खाड़ी देशों में सिर्फ हमले और जवाबी हमले नहीं हो रहे हैं, हथियारों की नई होड़ भी तेज हो रही है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब अपनी बैलिस्टिक मिसाइल बनाने वाली फैसिलिटी का विस्तार कर रहा है. अमेरिका के दो शोधकर्ताओं ने सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण किया है. तस्वीरों में अल-दुआदिमी के मिसाइल कॉम्प्लेक्स में नए निर्माण दिखाई दे रहे हैं.
सऊदी बना रहा ताकतवर बैलिस्टिक मिसाइल
नई इमारतें, निर्माण का विस्तार और विस्फोट से सुरक्षा के लिए बनाई गई दीवारें नजर आ रही हैं. शोधकर्ताओं के मुताबिक, एक नई इमारत में सॉलिड फ्यूल मिसाइल मोटर बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले गहरे गड्ढे हो सकते हैं. दूसरी इमारत का इस्तेमाल ईंधन की सामग्री या मिसाइल के पुर्जे रखने के लिए किया जा सकता है. आशंका है कि इस विस्तार से सऊदी अरब ज्यादा ताकतवर बैलिस्टिक मिसाइलें बनाने की तैयारी कर रहा है.
ऐसी मिसाइलें जो ज्यादा दूर तक जा सकें या अपने साथ ज्यादा भारी पेलोड ले जा सकें. सॉलिड फ्यूल मिसाइलों की खासियत ये है कि इन्हें लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर तेजी से लॉन्च किया जा सकता है. शोधकर्ताओं का आकलन है कि फैसिलिटी इस साल के आखिर तक उत्पादन शुरू करने के लिए तैयार हो सकती है. सऊदी अरब जमीन पर मिसाइल ताकत बढ़ा रहा है, तो UAE आसमान में अपनी सैन्य क्षमता मजबूत करने की तैयारी कर रहा है
हवाई ताकत बढ़ा रहा है UAE
फ्रांस और UAE ने राफेल लड़ाकू विमान के ज्यादा एडवांस F5 वर्जन को मिलकर विकसित करने की योजना फिर शुरू की है. इस साल की शुरुआत में बातचीत अटक गई थी, लेकिन फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के दौरे के बाद दोनों देशों ने रक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है. इस नए वर्जन में एडवांस हथियार और बेहतर कनेक्टिविटी जोड़ने की योजना है, ताकि राफेल आने वाले दशकों तक आधुनिक लड़ाकू विमान बना रहे.
ब्यूरो रिपोर्ट, टीवी9 भारतवर्ष
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